‏ Matthew 26:59-66

59मुखिया पुरोहितमन अऊ धरम महासभा के जम्मो मनखेमन यीसू के बिरूध म लबरा गवाही खोजत रहंय ताकि ओमन ओला मार डारंय। 60पर ओमन ला एको झन नइं मिलिन, हालाकि कतको लबरा गवाहमन आईन।

आखिर म दू झन गवाह आईन
61अऊ कहिन, “ये मनखे ह कहे हवय, ‘मेंह परमेसर के मंदिर ला गिराके ओला तीन दिन म फेर बना सकत हंव।’ ”

62तब महा पुरोहित ह ठाढ़ होईस अऊ यीसू ला कहिस, “ये मनखेमन तोर बिरूध जऊन गवाही देवत हवंय, का तेंह ओकर कोनो जबाब नइं देवस?” 63पर यीसू ह चुपेचाप रिहिस।

महा पुरोहित ह यीसू ला कहिस, “मेंह तोला जीयत परमेसर के कसम देवत हंव: कहूं तेंह परमेसर के बेटा मसीह अस, त हमन ला बता।”

64यीसू ह ओला कहिस, “हव जी। जइसने कि तेंह कहय। पर मेंह तुमन जम्मो झन ला कहत हंव कि एकर बाद तुमन मनखे के बेटा ला सर्वसक्तिमान परमेसर के जेवनी हांथ कोति बईठे अऊ अकास के बादरमन ऊपर आवत देखहू।”

65तब महा पुरोहित ह अपन कपड़ा ला चीरिस अऊ कहिस, “येह परमेसर के निन्दा करे हवय। हमन ला अऊ कोनो गवाह के जरूरत नइं ए। देखव! अभीच तुमन ये निन्दा ला सुने हवव। 66तुम्हर का बिचार हवय?”

ओमन जबाब दीन, “येह मिरतू-दंड के लईक अय।”
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